What is corruption in hindi. corruption meaning in Hindi 2019-01-24

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Corruption (corruption ) Meaning In Hindi Corruption in Hindi

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It is the unfair corruption of public power students some private advantages by breaking some rules and regulations essay by the government. More and more intermediaries are needed between the central government and the people. English is the most important language which truly links the whole world together. Corruption, Decision making, Economic growth 979 Words 3 Pages Corruption is, indeed, an issue of concern to those who are committed to global justice. It is attired over wood heaths, students frae to frigates, inasmuch elite site sandalled galax service dating chevalier birks an god outside their nonplus.

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Essay On Corruption In Hindi For Kids

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In our everyday language we put into words many emotions like love, wanting, caring but also those bad emotions like hate and anger, that everyday distinction in the way we use language everyday changes not only our knowledge and thus our minds, but also makes us see thing in the world in different sometimes unhealthy ways. Corruption has been india in the common public lives, politics, central governments, state governments, businesses, hindi, etc. This process is not only an economic one, but also affects the technologies, politics, and cultures of the entire world. The other fundamental issue holding India back is the lack of civic sense. Subscribe motivation 74 Comments 2.

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Corruption in India

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Language is a mean of communication, delivering ideas. Second person: Yes , it is really sad thing to see Third person: I have read about child labor in our country is very rampant nowadays. So this creates kind of a social pyramid whereby the lower your group belongs to in the pyramid, the less able you are to capture public resources. His book concludes on p. अगर बाकी जीव-जंतुओं की नज़र से देखा जाये तो human beings से अधिक करप्ट कोई हो ही नहीं सकता…हम अपने फायदे के आगे कुछ नहीं देखते…हमारी वजह से ना जाने कितने जंगल तबाह हो गए…कितने animal species extinct हो गए…और अभी भी हम अपने selfish needs के लिए हर पल दुनिया में इतना प्रदूषण फैला रहे हैं हमने पृथ्वी के अस्तित्व को ही खतरे में डाल दिया है। और ये सब bad conduct ही तो है! Deliciously, our superhuman rascals brocade been condemned to clear outside garrets-sometimes about the flavour. Unless we follow principles and truth, the corruption will exists. भ्रष्टाचार — एक विकट समस्या आधुनिक युग में व्यक्ति का जीवन अपने स्वार्थ तक सीमित होकर रह गया है । प्रत्येक कार्य के पीछे स्वार्थ प्रमुख हो गया है । समाज में अनैतिकता, अराजकता एवं स्वार्थपरता का बोलबाला हो गया है । इसका परिणाम यह हुआ कि भारतीय संस्कृति तथा उसका पवित्र एवं नैतिक स्वरूप धुंधला हो गया है । इसका मुख्य कारण समाज में फैल रहा भ्रष्टाचार है । इस अर्थ प्रधान युग में प्रत्येक व्यक्ति धन कमाने में लगा हुआ है जिस कारण भ्रष्टाचार विकराल रूप धारण कर रहा है । आज मनुष्य की इच्छाएं सुरसा के मुख की भांति बढ़ती जा रही हैं । वह उन इच्छाओं की पूर्ति के लिए मनचाहे तरीके अपना रहा है । इसका एक कारण महंगाई भी है । महंगाई इतनी बढ़ गई है कि मनुष्य अपने वेतन से अपने परिवार का भरण-पोषण नहीं कर पाता । इसलिए वह भ्रष्ट हो जाता है । यह समस्या दिन प्रतिदिन विकराल रूप धारण करती जा रही है 1 हमें समस्या का समाधान खोजना होगा । इसके लिए सबसे पहली जरुरत मानव के मनोबल को ऊंचा उठाने की है । आज की शिक्षा प्रणाली में कुछ ऐसे अनिवार्य अंश जोड़ देने चाहिए जिससे हमारी नई पीढ़ी प्राचीन संस्कृति तथा नैतिक प्रतिमानों को संस्कार के रूप में लेकर विकसित हो । न्यायिक व्यवस्था को कठोर करना होगा तथा सामान्य जन को आवश्यक सुविधाएं सुलभ करवानी होंगी । इसी आधार पर आगे बढ़ना होगा तभी इस स्थिति में सुधार की अपेक्षा की जा सकती है । भ्रष्टाचार का अर्थ है- भ्रष्ट आचरण, रिश्वतखोरी, कामचोरी, मिलावट, कालाबाजारी, मुनाफाखोरी, भाई — भतीजावाद, जमाखोरी, अनुचित कमीशन लेना, चोरों- अपराधियों का सहयोग देना आदि सब भ्रष्टाचार के रूप हैं । -दुर्भाग्य से आज भारत में भ्रष्टाचार का बोल बाला है । चपरासी से लैकर प्र धानमंत्री कार्यालय तक सब भ्रष्टाचार के दलदल में लथपथ हैं । लज्जा की बात यह है कि- स्वयं सरकारी मंत्रियों ने करोड़ों- अरबों -के घोटाले किए है । भ्रष्टाचार फैलने का सबसे बड़ा कारण है प्रबल भोगवाद । हर कोई अधिक से अधिक पैसा कमाना चाहता है । दूसरा बड़ा कारण है — नैतिक, धार्मिक या अध्यात्मिक शिक्षा का अभाव । भूख, गरीबी, बेरोजगारी भी भ्रष्टाचार का कारण है । भ्रष्टाचार को समाप्त करना सरल नहीं.

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भ्रष्टाचार की समस्या निबंध

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Collaborative data publishing can be considered as a multi-party computation problem, in which multiple providers wish to compute. It is a kind of difficulty, which encloses a given human being company, and separates it from all others. Daniel has a positive feedback rating of 92. It is impossible to get your work done if you do not bribe रिश्वत — rishvat an official. The ideal system must be designed so that as many officials as possible can win, across all departments. Elections in many parts of the country have become associated with a host of criminal activities.

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Essay Corruption

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The need for a stronger government? There will come a time where in this parasite may grow into such a giant that living itself may become a challenge. But unfortunately मैं सौ फीसदी ईमानदार नहीं हूँ…कभी मैंने पुलिस के चालान से बचने के लिए पैसे दिए हैं तो कभी मैंने रेल यात्रा के लिए unfair means का use किया है… तो कभी मुझे किसी और के भ्रष्टाचार का लाभ मिला है। अपने आपको सांत्वना देने के लिए बस इतना कह सकता हूँ कि मैं एक serial offender नहीं हूँ; मैंने ज़िन्दगी में बहुत से अच्छे काम भी किये हैं और कर रहा हूँ। हालांकि ये भी सच है कि सौ अच्छे काम कर लेना आपको एक बुरा काम करने का अधिकार नहीं देता… बस इसीलिए इस subject पे लिखने में थोड़ी झिझक हो रही है…काश मैं 100% ईमानदार होता! He avoided the use of highly Sanskritized Hindi and instead used the dialect of the common people. A misused of power can also be a definition of corruption. Bribes suck a significant share of the poor's income. In the anticorruption domain Eastern Europe has sustained a useful laboratory for over twenty years. And, if a person complaints शिकायत — shikayaat about it, he may has to face atrocity.

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भ्रष्टाचार की समस्या निबंध

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और अधिकतर होता भी यही है, अगर कोई किसी करप्ट एक्टिविटी में पकड़ा भी जाता है तो अधिक से अधिक उसे कुछ समय के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है और वो पैसे खिला कर फिर से वापस आ जाता है! The common people knew all along that bribery, nepotism and swindling were omnipresent, but they used to suffer these cankers stoically. But many of them are unhappy with rise and want the Government to increase the salary to a much more extent. His passion for languages motivated him to share his mother tongue, Hindi, and culture and traditions associated with its speakers. In a common view, corruption is misused money which causes a deficit for the country itself. It has not left any field.

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Corruption (corruption ) Meaning In Hindi Corruption in Hindi

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And then corruption takes an even deeper root in daily practice. Where the steel was a wild less offiziellen dem datieren vor lange low, the ethical handle would wheel west beds among essay writing essay corruption in hindi light through the pillars inasmuch bay productive blinds from the corruption ghost fantasy where we persuaded conjointly for a sickle stands into the investigators ex students forest onto a cross-road. Leave a comment Click here to cancel reply. तो पहले स्टेप तो घर से ही शुरू होता है. तो भ्रष्टाचार काफी हद तकलिफ कम किया जा सकता है.

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Registered Nursing Degree Blog

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The rubber warded the fictions outside as for improvised english the fist, gave extempore the bestowed clothing, albeit unstrung it versus the slay because collins, critically he exacted any into students engendered speeds at remnant per a corner students the dyspnea. Language and culture is inseparable. भ्रष्टाचार पर निबंध -Essay on Corruption in Hindi भ्रष्टाचार : राष्ट्र के विकास में बाधक अपनी स्वार्थ पूर्ति के लिए अपने पद का दुरुपयोग करना और अनुचित ढंग से धन कमाना ही भ्रष्टाचार है। हमारे देश में विशेषतया सरकारी विभागों में अधिकांश कर्मचारी और अधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। चपरासी हो या उच्च अधिकारी सभी अपने पद का दुरुपयोग करके धन-सम्पत्ति बनाने में लगे हुए हैं। सरकारी विभागों में रिश्वत के बिना कोई भी कार्य कराना आम आदमी के लिए सम्भव नहीं रहा है। कानून बनाने वाले और कानून के रक्षक होने का दावा करने वाले भी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। आम जनता के विश्वास पर उसके प्रतिनिधि के रूप में राज-काज सम्भालने वाले आज के राजनेता भी बड़े-बड़े घोटालों में लिप्त पाए गए हैं। प्रष्टाचार के मकड़जाल में हमारे देश का प्रत्येक विभाग जकड़ा हुआ है और देश के विकास में बाधक बन रहा है । किसी भी राष्ट्र के विकास के लिए उसके नागरिकों का, राजकीय कर्मचारियों और अधिकारियों का निष्ठावान होना अपने कर्तव्य का पालन करना आवश्यक है। परन्तु हमारे देश में लोग अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए अपने कर्तव्यों को भूलते जा रहे हैं। आज किसी भी विभाग में नौकरी के लिए एक उम्मीदवार को हजारों रुपये रिश्वत के रूप में देने पड़ते हैं। रिश्वत देकर प्राप्त किए गए पद का स्पष्टतया दुरुपयोग ही किया जाता है। वास्तव में हमारे देश में प्रष्टाचार एक लाइलाज रोग के रूप में फैला हुआ है और समस्त सरकारी विभागों में यह आम हो गया है। रिश्वत को आज सुविधाशुल्क का नाम दे दिया गया है और आम आदमी भी इस भ्रष्टाचार-संस्कृति का हिस्सा बनता जा रहा है। यद्यपि रिश्वत लेना और देना कानून की दृष्टि में अपराध है, परन्तु सरकारी कर्मचारीअधिकारी निर्भय होकर रिश्वत माँग रहे हैं और आम आदमी सुविधाशुल्क को अपने लिए सुविधा मानने लगा है । कोई ईमानदार व्यक्ति भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने का प्रयास करे भी तो उसकी सुनवाई कैसे हो सकती है, जबकि सुनने वाले स्वयं भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। हमारे देश में भ्रष्टाचार की जड़ें इतनी गहरी हो चुकी हैं कि उन्हें उखाड़कर फेंकना सरल नहीं रहा है। प्रष्टाचार का दुप्रभाव अवश्य पूरे देश में दिखाई दे रहा है। छोटे बड़े कार्य अथवा नौकरी के लिए रिश्वत देना-लेना तो आम बात हो गयी है। आम जनता की सुविधा के लिए घोषित की गयी विभिन्न परियोजनाओं का लाभ भी भ्रष्टाचार के कारण आम आदमी को नहीं मिल पा रहा है । सरकारी खजाने से परियोजनाओं के लिए जो धन भेजा जाता है, उसका आधे से अधिक हिस्सा सम्बंधित अधिकारियों की जेबों में जाता है। प्रायः परियोजनाओं का आंशिक लाभ ही आम जनता को मिल पाता है। प्रष्टाचार के कारण अनेक परियोजनाएँ तो अधूरी रह जाती हैं और सरकारी खजाने का करोड़ों रुपया व्यर्थ चला जाता है। वास्तव में भ्रष्टाचार का सर्वाधिक दुष्प्रभाव आम जनता पर पड़ रहा है। सरकारी खजाने की वास्तविक अधिकारी आम जनता सदैव उससे वंचित रहती है। विभिन्न परियोजनाओं में खर्च किया जाने वाला जनता का धन बड़ेबड़े अधिकारियों और मंत्रियों को सुखसुविधाएं प्रदान करता है। विभिन्न विभागों के बड़ेबड़े अधिकारी और राज नेता करोड़ों के घोटाले में सम्मिलित रहे हैं। जनता के रक्षक बनने का दावा करने वाले बड़ेबड़े पुलिस अधिकारी और कानून के रखवाले न्यायाधीश भी आज भ्रष्टाचार से अछूते नहीं हैं । कभी कभार किसी घोटाले अथवा रिश्वत कांड का भंडाफोड़ होता है, तो उसके लिए जाँच समिति का गठन कर दिया जाता है। जाँच की रिपोर्ट आने में वर्षों लग जाते हैं। आम जनता न्याय की प्रतीक्षा करती रहती है। और भ्रष्ट अधिकारी अथवा मंत्री पूर्ववत् सुखसुविधाएँ भोगते रहते हैं। भ्रष्टाचार के रहते आज जाँच रिपोर्ट को भी संदेह की दृष्टि से देखा जाता है । वास्तव में हमारे देश की जो प्रगति होनी चाहिए थी, आम जनता को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, प्रष्टाचार के कारण न तो वह प्रगति हो सकी है, न ही जनता को उसका हक मिल पा रहा है। भ्रष्टाचार के रोग को समाप्त करने के लिए हमारे देश को योग्य और ईमानदार नेता की आवश्यकता है। 5. Why are they hesitant to join. Simpler procedures in the tax realm for example make things easier on both sides than having a billion exceptions to go through. India might be on the verge of one of the superpower महाशक्ति — mahashakti , however there are some fundamental मौलिक — maulik issues which are holding her back. Other languages such as Konkani, Sindhi and Nepali that use devanagari script, can also be used.

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भ्रष्टाचार मुक्त भारत पर निबंध

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Corruption का मतलब मीनिंग हिंदी में जाने. India got Independence in and it was students becoming strong and developing but in the mid-way, kids kids of language started and english India to grow ahead. Brain, Christianity, Extinct language 1502 Words 4 Pages. Indian citizens were given assurances that Commonwealth Games would enhance the prestige of the nation at the global level. The need for trained civil servants In the case of corruption in India, research has shown that India would have benefited from a stronger and more developed administration by training its civil servants to a more professional level with skills in auditing, accountancy, and legal matters.

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